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क्रांतिदूत शृंखला
लेखक: डॉ मनीष श्रीवास्तवLanguage: Hindi
“काशी” क्रांतिदूत उपन्यास-शृंखला की दूसरी पुस्तक है। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उन जाने-पहचाने और अनजाने क्रांतिकारियों की कहानी कहती है, जिन्हें इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे अधिकारी थे। काशी और उसके आसपास के क्षेत्र में हुए क्रांति वीरों के जीवन और घट रही घटनाओं के माध्यम से यह पुस्तक उस समय की देशभक्ति और स्वतंत्रता की भावना को सामने लाती है। इस पुस्तक को शृंखला की पहली पुस्तक झाँसी फ़ाइल्स के बाद पढ़ा जाये तो अच्छा होगा।
इस पुस्तक की विशेषताएँ:
• इतिहास और उपन्यास का मेल - ऐतिहासिक घटनाओं और पात्रों को सरल और रोचक कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
• अनजाने क्रांतिकारियों की कहानी - ऐसे वीरों और उनके संघर्षों से परिचय कराती है, जिनका उल्लेख इतिहास में कम मिलता है।
• काशी का ऐतिहासिक संदर्भ - काशी और उसके आसपास स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष तथा उसमें योगदान देने वाले लोगों को सामने लाती है।लेखक की दस-खंडीय “क्रांतिदूत” उपन्यास-शृंखला भारत के उन क्रांतिकारियों के जीवन, संघर्ष और देश के प्रति उनके समर्पण को सामने लाने का प्रयास है, जिनकी कहानियाँ इतिहास के मुख्य पन्नों में कहीं पीछे छूट गईं। काशी इस यात्रा की दूसरी पुस्तक है और पाठकों को स्वतंत्रता संग्राम के उन पात्रों और घटनाओं से परिचित कराती है, जिन्हें जानना और याद रखना आवश्यक है।
यह पुस्तक इतिहास के उन भूले-बिसरे पन्नों को फिर से सामने लाने का एक प्रयास है, जिनमें भारत के स्वतंत्रता संग्राम की अनेक अनकही कहानियाँ आज भी जीवित हैं।