There are no items in your cart
Add More
Add More
| Item Details | Price | ||
|---|---|---|---|

भगवद्गीता पर एक अलग दृष्टिकोण
लेखक: आनन्द कुमार भाषा :हिन्दी
“गीतायन” एक अनूठी पुस्तक है, जो लोकप्रिय सिनेमा की कहानियों के माध्यम से भगवद्गीता के उपदेशों को सरल और रोचक रूप में समझाती है। हिंदी में लिखी गई यह पुस्तक गीता के गूढ़ दार्शनिक सिद्धांतों को सामान्य जीवन की भाषा में प्रस्तुत करती है, और उन्हें प्रसिद्ध बॉलीवुड एवं हॉलीवुड फिल्मों की कथाओं से जोड़कर समझाने का प्रयास करती है।
इस पुस्तक की विशेषताएँ:
• 45 अध्याय - प्रत्येक अध्याय में एक प्रसिद्ध फिल्म की कथा के माध्यम से भगवद्गीता के किसी विशेष श्लोक या सिद्धांत को समझाया गया है।
• सरल प्रस्तुति - गीता के ज्ञान को सभी आयु वर्ग के पाठकों, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए सहज और सुलभ बनाती है।
• सिनेमा आधारित व्याख्या - परिचित फिल्मी कथानकों के माध्यम से आध्यात्मिक विषयों को समझाना अधिक सरल और आत्मीय बनाता है।
• व्यवहारिक दृष्टिकोण - यह दर्शाती है कि गीता के सिद्धांत आधुनिक जीवन की परिस्थितियों में किस प्रकार प्रासंगिक हैं।
लेखक आनंद कुमार ने प्रारंभ में इन विचारों को सोशल मीडिया पोस्ट्स के रूप में साझा किया था, जिन्हें बाद में संकलित कर इस पुस्तक का रूप दिया गया। पाठकों ने इसे विशेष रूप से उन लोगों के लिए भगवद्गीता का उत्कृष्ट परिचय माना है, जिन्हें मूल ग्रंथ को समझना कठिन प्रतीत होता था।
इससे आगे कहाँ तक पढ़ना है, ये पाठकों पर निर्भर है।
आनन्द मार्केटिंग एवं मीडिया से स्नातकोत्तर की पढ़ाई के बाद डाटा एनालिटिक्स में काम करते हैं।
मार्केट एवं सोशल रिसर्च के अपने काम के अलावा अपने शौक की वजह से भी वो भारत भर में भ्रमण कर रहे होते हैं और कहते हैं कि वो यात्री हैं, पर्यटक नहीं हैं। संयुक्त परिवार में पले-बढ़े आनंद अपने परिवार के साथ पटना में रहते हैं।
शिक्षा को जीवन पर्यंत चलने वाली यात्रा मानने वाले आनंद संस्कृत से परा-स्नातक (आचार्य) हैं और स्वयं को संस्कृत का छात्र मानते हैं।